आर्थिक मोर्चे से अच्छी खबर: घटेगा सरकार का कर्ज अनुपात, केयरएज रेटिंग्स का अनुमान
व्यापार: देश के सरकारी कर्ज में अगले दशक में लगातार गिरावट आने की उम्मीद है। वित्त वर्ष 2034-35 तक सरकार पर कर्ज का बोझ 10 फीसदी तक कम हो सकता है। केयरएज रेटिंग्स की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान में सरकारी कर्ज जीडीपी का 81 फीसदी है। यह 2030-31 तक कम होकर जीडीपी का 77 फीसदी और 2034-35 तक 71 फीसदी रह जाएगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनियाभर की सरकारों पर बढ़ते कर्ज के बीच उम्मीद है कि भारत राजकोषीय समेकन के मार्ग के अनुसरण करेगा। इसे जीडीपी में निरंतर वृद्धि और केंद्र सरकार के विवेकपूर्ण राजकोषीय प्रबंधन से समर्थन मिलेगा, जिससे सरकारी कर्ज में कमी आएगी। रिपोर्ट के मुतबिक, केंद्र सरकार के राजकोषीय समेकन प्रयासों और करीब 6.5 फीसदी की जीडीपी वृद्धि दर के बने रहने से देश को मध्यम अवधि के कर्ज में कमी लाने में मदद मिलेगी। हालांकि, राज्य सरकारों का कुल कर्ज अब भी उच्च स्तर पर बना हुआ है। यह समग्र राजकोषीय सेहत के लिए जोखिम पैदा कर रहा है।

NEET विवाद पर बिहार बंद: पटना से सीवान तक प्रदर्शन, कई जगह यातायात प्रभावित
Renewable Energy पर बड़ा दांव, 30 जुलाई से खुलेगा Juniper Green Energy का IPO
भीषण विस्फोट के बाद मचा कोहराम, पटाखा फैक्टरी हादसे के पीछे क्या है वजह?
टंट्या भील चौराहे पर आंदोलन जारी, प्रदर्शनकारियों पर ड्रोन की पैनी निगाह