मध्य प्रदेश में SIR के दौरान बढ़ा काम का दबाव, 24 घंटे में दो BLO की मौत
MP SIR प्रक्रिया के तहत देशभर के 12 राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण का काम लगातार चल रहा है। मध्य प्रदेश में भी ब्लॉक लेवल ऑफिसर घर-घर जाकर फॉर्म बांटने, दस्तावेज़ इकट्ठा करने और डेटा अपलोड करने में जुटे हैं। लेकिन इस बार काम का दबाव पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गया है। चुनाव आयोग के सख्त निर्देशों और जिलों के कलेक्टरों की निगरानी में यह प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। इसी बीच चिंताजनक खबर यह है कि पिछले 24 घंटे में प्रदेश में दो BLO की मौत हो गई है।
BLO इन दिनों कॉलोनियों में घूम-घूमकर साल 2003 की वोटर लिस्ट से नाम मिलान कर रहे हैं। जिन लोगों का नाम दर्ज नहीं है, उनके दस्तावेज लेकर ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट किया जा रहा है। MP SIR की इस भारी-भरकम जिम्मेदारी ने कई कर्मचारियों को मानसिक और शारीरिक दबाव में ला दिया है। भोपाल के टीटी नगर में तैनात BLO कीर्ति कौशल को अचानक हार्ट अटैक आया, जिन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं रायसेन जिले के मंडीदीप क्षेत्र में बूथ लेवल अधिकारी रमाकांत पांडे की मौत हो गई।
इसके अलावा दमोह में भी एक BLO की मौत की पुष्टि हुई है। बताया जा रहा है कि काम का बढ़ता प्रेशर ही इन घटनाओं की बड़ी वजह बनता जा रहा है। एक अन्य BLO नारायण सोनी के लापता होने की सूचना भी सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक कुल 4 BLO अपनी जान गंवा चुके हैं, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
इस बीच भोपाल जिला कलेक्टर और निर्वाचन अधिकारी कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने विधानसभा क्षेत्र 151 नरेला के तीन BLO सुपरवाइजर और तीन बूथ लेवल ऑफिसर्स को काम में अनियमितता के चलते कारण बताओ नोटिस जारी किया है। MP SIR की इस प्रक्रिया में बढ़ते तनाव और घटनाओं ने कर्मचारियों की सुरक्षा और काम के बोझ पर नई बहस छेड़ दी है।

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