आयकर छापे में फंसा रजिस्ट्री विभाग, रिकॉर्ड में भारी हेराफेरी उजागर
कानपुर|कानपुर रजिस्ट्री विभाग में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट बड़ी गड़बड़ियों का खुलासा कर रहा है। शुक्रवार को जोन-4 के सर्वे में भी व्यापक स्तर पर हेराफेरी का खुलासा हुआ। पांच घंटे की जांच में चार हजार करोड़ की विसंगतियों के साक्ष्य मिले हैं। आयकर विभाग को एक हजार करोड़ के टैक्स का झटका लगा है।संबंधित जोन के अधिकारियों को नोटिस देकर दस दिन में पक्ष रखने को कहा गया है। गुरुवार को जोन तीन के सर्वे में भी 3500 करोड़ की हेराफेरी मिली थी। आयकर निदेशक (आसूचना एवं आपराधिक अन्वेषण) के निर्देश पर रजिस्ट्री कार्यालय के जोन चार में सहायक निदेशक विमलेश राय की अगुवाई में सर्वे किया गया। सर्वे करने वाले आयकर अधिकारियों के अनुसार चार हजार करोड़ की विसंगतियां मिली हैं।
यहां भी मिला प्लानिंग के साथ मनमर्जी का खेल
सर्वे के दौरान जोन वन, टू व थ्री की तरह यहां भी कई रजिस्ट्री में मनमर्जी का पेन नंबर लिखा गया। एक हजार पेन में गलत मोबाइल नंबर लिखे गए। सूत्रों के अनुसार, भ्रमित करने के लिए जानबूझकर किया गया यह खेल आयकर विभाग की आंखों में धूल झोंकने के लिए पूरी प्लानिंग के साथ हुआ। आयकर टीम ने डिजिटल और मैनुअल रिकॉर्ड, स्टांप शुल्क की गणना से संबंधित विवरण और डाटा ट्रांसफर प्रक्रिया की पड़ताल की। 35 दिन में चार बड़ी कार्रवाई में 11 हजार करोड़ का गड़बड़झाला मिला है।
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एक हजार पैन में नंबर मनमर्जी के मिले
आयकर सर्वे के दौरान कई रजिस्ट्री में मनमर्जी पैन लिखा गया। लगभग एक हजार पैन में व्यापक स्तर पर गड़बड़ी मिलीं। गलत मोबाइल नंबर तक लिखे गए। सर्वे टीम का आकलन है कि ऐसा जानबूझकर किया गया। इसकी आड़ में आयकर विभाग की आंखों में धूल झोंकने का पूरा प्रयास किया गया। रजिस्ट्री विभाग की ओर से संपत्तियों की रजिस्ट्री का जो डाटा आयकर विभाग को भेजा गया, वह वास्तविक रजिस्ट्रेशन रिकॉर्ड से मेल नहीं खा रहा था। डिजिटल और मैनुअल दोनों प्रकार के रिकॉर्ड, स्टांप शुल्क की गणना से संबंधित विवरण और डाटा ट्रांसफर प्रक्रिया की पड़ताल की गई।

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