रणवीर सिंह को पसंद है घूमना, बताया व्यस्त जिंदगी में किस तरह बिताते हैं अपने लिए सुकून के पल
‘धुरंधर’ की अपार सफलता से रणवीर सिंह काफी खुश हैं। अब वो फिल्म के दूसरे पार्ट ‘धुरंधर: द रिवेंज’ के लिए उत्साहित हैं। हालांकि, पर्दे पर और पब्लिक अपीयरेंस में काफी एनर्जेटिक नजर आने वाले रणवीर का कहना है कि वो अक्सर चकाचौंध से दूर कुछ शांत पल बिताते हैं। अब अभिनेता ने बताया कि किस तरह वो अपने व्यस्त जीवन से भी अपने लिए शांति से बिताने वाले कुछ सुकून के पल निकालते हैं।
शांति और सुकून की होती है जरूरत
हिंदुस्तान टाइम्स के साथ बातचीत के दौरान रणवीर ने कहा कि मेरी जिंदगी कभी-कभी बहुत भागदौड़ भरी हो जाती है और मुझे शांति, सुकून और स्थिरता के पलों की बहुत जरूरत होती है। ऐसी खामोशी जहां मैं खुद को फिर से सुन सकूं, अपने जुनून से फिर से जुड़ सकूं और तनाव को दूर होते देख सकूं। मेरे लिए अबू धाबी वो खास जगह है। यहा मैं अपनी रफ्तार धीमी कर लेता हूं, चाहे अल ऐन ओएसिस में टहलना हो या सादियात बीच क्लब में पूल के किनारे आराम करना। ये वो जगह है जो मुझे हमेशा अपनी रफ्तार खोजने देती है और ये मेरे लिए बहुत मायने रखता है।
मुझे कल्चर के बारे में पढ़ना और जानना अच्छा लगता है
यात्राओं को लेकर रणवीर का कहना है कि यात्रा के दौरान मेरा एक बिल्कुल अलग रूप सामने आता है। मेरी जिज्ञासा और चीजों को खोजने की इच्छा बढ़ जाती है। मैंने यूनिवर्सिटी के दिनों में कम्युनिकेशन और कल्चर की पढ़ाई की है। इसलिए मुझे कल्चर के बारे में सीखना और उसके बारे में पढ़ना काफी अच्छा लगता है। मुझे लगता है कि यात्रा आपको विनम्र बनाती है, यह आपको एहसास कराती है कि दुनिया कितनी बड़ी है और आपका दायरा कितना छोटा हो सकता है।
‘धुरंधर: द रिवेंज’ का है दर्शकों को इंतजार
वर्कफ्रंट की बात करें तो पिछले साल ‘धुरंधर’ की जबरदस्त सफलता के बाद अब वो फिल्म के दूसरे पार्ट ‘धुरंधर: द रिवेंज’ में नजर आएंगे। यह फिल्म 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। आदित्य धर द्वारा निर्देशित इस फिल्म की टक्कर बॉक्स ऑफिस पर यश की ‘टॉक्सिक’ से होगी। ऐसे में देखना है कि बॉक्स ऑफिस पर कौनसी फिल्म किस पर भारी पड़ती है?

NEET विवाद पर बिहार बंद: पटना से सीवान तक प्रदर्शन, कई जगह यातायात प्रभावित
Renewable Energy पर बड़ा दांव, 30 जुलाई से खुलेगा Juniper Green Energy का IPO
भीषण विस्फोट के बाद मचा कोहराम, पटाखा फैक्टरी हादसे के पीछे क्या है वजह?
टंट्या भील चौराहे पर आंदोलन जारी, प्रदर्शनकारियों पर ड्रोन की पैनी निगाह