फुल टाइम चोर, पार्ट टाइम दुकानदार! राजनांदगांव में पुलिस ने खोला राज
रायपुर | दुर्ग जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में महीनों से चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वाले शातिर चोरों को आखिरकार पुलिस ने पकड़ा लिया. इन चोरों के खिलाफ सिर्फ दुर्ग में 8 चोरी के अपराध दर्ज किए गए हैं. ये चोर दिन में रायपुर में इडली-डोसा बेचते थे, इसके बाद रात में चोरी की घटना को अंजाम देते थे. पुलिस ने बताया कि मुख्य शातिर चोर मनीष अमोरिया के खिलाफ राजनांदगांव में पहले से 10 अपराध दर्ज हैं.दिन में इडली-डोसा बेचते, फिर रात में करते चोरी दरअसल, पिछले कुछ महीनों से दुर्ग के ग्रामीण क्षेत्र के विभिन्न थाना क्षेत्रों में लगातार चोरी की घटनाएं सामने आ रही थी. ये तीनों दोस्त मिलकर घरों से ज्वेलरी और नकदी चुराया करते थे. चोरी करने के बाद वे रायपुर फरार हो जाते थे और वहां मठपुरैना इलाके में इडली-डोसा बेचने का काम करते थे. लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस ने गहन जांच शुरू की. चोरी वाले स्थानों के सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया और दर्जनों टावर डंप निकाले. जांच में यह बात सामने आई कि चोर कहीं बाहर से आकर वारदात को अंजाम देते हैं. इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर इन तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
कैसे हुआ खुलासा?
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि मठ पुरैना रायपुर में ईडली डोसा बेचने का काम करना और 1 सितंबर 2025 को मनीष अपने भांजे के पल्सर क्रमांक सीजी 8 बीए 3345 से तीनों ग्राम अछोटी थाना नंदनी गए जहां से सुने मकान में चोरी कर चांदी का सामान चोरी किये. उसके बाद दिसम्बर 2025 में ग्राम औसर थाना रानीतराई के सुने मकान में सोने के गुलबंद, चांदी के बिछिया तथा पायल व नगदी 25,000 रूपये तथा उसी माह में मनीष अपने एक्टीवा वाहन क्रमांक सीजी 07 एवाय 3107 में जितेन्द्र व रवि के साथ थाना उतई क्षेत्र ग्राम गोडपेण्ड्री स्थित सुने मकान से सोने के दो नग लॉकेट एवं सोने का गेहूं दाना एवं चांदी के पायल व नगदी 3,000 रुपए चोरी किए.

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