LPG संकट पर राज्यसभा में उठाया प्रश्न, खरगे ने मांगी जवाबदेही
नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि देश में बढ़ता एलपीजी संकट मोदी सरकार के दयनीय प्रबंधन के साथ-साथ खराब विदेश नीति और ऊर्जा नीति की भी पोल खोल रहा है। उन्होंने मांग की कि एलपीजी की स्थिर, सुलभ और किफायती उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के मुद्दे पर संसद में चर्चा कराई जाए।
संसद में सोमवार को जनता को हो रही परेशानियों का जिक्र करते हुए खरगे ने कहा कि एलपीजी संकट से पूरे देश में हाहाकार मचा हुआ है। खरगे ने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच जब सरकार ने ईरान में भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की थी, तब उसे यह भी पता था कि महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों और ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार को संभावित संकट की जानकारी थी, तो अग्रिम योजना और वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई? उन्होंने यह भी पूछा कि इस मुद्दे पर समन्वित प्रतिक्रिया देने एवं जनता की चिंता कम करने के लिए विपक्ष और देश को भरोसे में क्यों नहीं लिया गया? कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इस संकट का सबसे अधिक असर गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारों, छोटे ढाबों, रेस्तरां, हॉस्टलों, छोटे एवं मध्यम उद्योगों तथा अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। एलपीजी सिलेंडर न मिलने से सामुदायिक रसोई और राम रसोई जैसी सेवाएं भी बंद हो रही हैं। कई प्रतिष्ठानों ने अपना परिचालन सीमित कर दिया है या उन्हें बंद करना पड़ा है।
कालाबाजारी की ओर ध्यान दिलाते हुए उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर सिलेंडर पांच हजार रुपये से अधिक कीमत पर बिक रहे हैं। उन्होंने लोकसभा में पेट्रोलियम मंत्री के उस दावे पर भी सवाल उठाया, जिसमें कहा गया था कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है। कांग्रेस अध्यक्ष के अनुसार जमीनी हकीकत सरकारी दावों को गलत साबित कर रही है। कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि मौजूदा स्थिति में औद्योगिक उपभोक्ताओं को पिछले छह महीनों की औसत आपूर्ति का केवल 80 प्रतिशत ही मिलेगा, जबकि उर्वरक संयंत्रों की आपूर्ति 70 प्रतिशत तक सीमित कर दी गई है। रिफाइनरी और पेट्रोकेमिकल इकाइयों को भी कटौती का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने एलपीजी की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी पर सवाल उठाते हुए कहा कि घरेलू सिलेंडर के दाम 60 रुपये और कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत 115 रुपये बढ़ाई गई है।खरगे ने कहा कि शहरों में एक सिलेंडर मिलने के बाद अगला सिलेंडर बुक करने की अवधि 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है, जबकि ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में यह अवधि 25 से बढ़ाकर 45 दिन कर दी गई है। इससे पैनिक बुकिंग और जमाखोरी की स्थिति पैदा हो रही है।

AAP के भीतर सियासी बयानबाजी तेज, Saurabh Bharadwaj का Raghav Chadha पर हमला
युद्ध का असर भारत तक: तारकोल महंगा, सड़क परियोजनाएं अटकीं
सात राज्यसभा सदस्यों की सदस्यता रद्द करने की उठाई मांग
बिश्केक में भारत-चीन रक्षा मंत्रियों की बैठक, Rajnath Singh ने जताई खुशी