प्रदर्शनकारियों से बातचीत के बाद क्या बदले हालात? सौरभ दास के बयान से बढ़ी चर्चा
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में सोमवार को 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के कार्यकर्ताओं द्वारा जंतर-मंतर से संसद भवन तक किए गए मार्च के दौरान भारी हंगामा देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई, जिसके बाद स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। इस बवाल के बीच सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास और आशुतोष रांका ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। नड्डा से हुई चर्चा के बाद प्रवक्ता ने बताया कि सरकार ने उनकी मांगों पर आगे बातचीत करने का आश्वासन दिया है।
सरकार से बातचीत का आश्वासन और हिरासत का संकट
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ करीब 10 मिनट की बैठक के बाद सौरव दास ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पार्टी ने अपनी प्रमुख मांगें लिखित रूप में सरकार को सौंप दी हैं और वे अब पूरी प्रक्रिया पर काम कर रहे हैं। हालांकि, बातचीत के सकारात्मक संकेतों के बावजूद सौरव दास ने चिंता जताई कि प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में लिया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने अभिजीत दिपके की गिरफ्तारी का भी दावा किया और सांसदों से युवाओं के समर्थन में आगे आने की अपील की।
विपक्ष का समर्थन और पुलिस कार्रवाई पर सवाल
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ पुलिस द्वारा की जा रही सख्ती पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि शिक्षा प्रणाली में व्याप्त खामियों पर चर्चा करने के बजाय सरकार छात्रों पर आंसू गैस के गोले छोड़ रही है और उन्हें बेरहमी से पीट रही है। प्रियंका गांधी ने सवाल किया कि सरकार शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रख रहे युवाओं से बातचीत करने के लिए तैयार क्यों नहीं है। उन्होंने कहा कि ये युवा देश का भविष्य हैं और उनके साथ इस तरह का व्यवहार कतई स्वीकार्य नहीं है।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस की दमनकारी नीति
सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने पुलिस की कार्रवाई को पूरी तरह से अलोकतांत्रिक बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों को निशाना बनाया जा रहा है और उन पर बल प्रयोग किया जा रहा है। प्रदर्शन स्थल पर हुई अफरा-तफरी के बीच पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाए, जिससे कई प्रदर्शनकारी चोटिल भी हुए हैं। एक तरफ सरकार के साथ बातचीत की शुरुआत की उम्मीद है, तो दूसरी तरफ कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी ने सीजेपी के आंदोलन को और अधिक उग्र बना दिया है। फिलहाल प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और सरकार की ओर से ठोस समाधान का इंतजार कर रहे हैं।

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