नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर आयोजित संसद मार्च के दौरान भड़की हिंसा में घायल हुए दर्जनों छात्रों और पुलिसकर्मियों का राजधानी के विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। संघर्ष में कई लोगों के हाथ-पैर में फ्रैक्चर आया है तो कई के सिर और आंख में गंभीर चोटें आई हैं। इसके साथ ही कई पुलिसकर्मी भी सिर और हाथ में चोट लगने से घायल हुए हैं। डॉक्टरों की अलग-अलग टीमें सभी घायलों को त्वरित और बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराने में जुटी हुई हैं।

आरएमएल अस्पताल में 150 से अधिक घायल पहुंचे, कई को लगे टांके

डॉ. राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, घटना के बाद लगभग 110 छात्रों और 40 पुलिसकर्मियों को प्राथमिक व आपातकालीन चिकित्सा के लिए लाया गया। अस्पताल के ऑर्थोपेडिक, न्यूरोसर्जरी, सर्जरी और मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने स्थिति को संभालते हुए इलाज शुरू किया। अधिकांश घायलों के शरीर पर लाठियों की चोट के निशान थे, जिनमें से कई के सिर में गहरे घाव होने के कारण टांके लगाने पड़े।

गंभीर रूप से घायल छात्रा आईसीयू में भर्ती, हालत खतरे से बाहर

प्रदर्शन के दौरान घायल हुई उत्तम नगर निवासी छात्रा साक्षी की हालत गंभीर बताई जा रही है। उसे आरएमएल अस्पताल के सर्जरी विभाग की देखरेख में आईसीयू में रखा गया है। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि गहन चिकित्सा सेवा के बाद अब उसकी स्थिति खतरे से बाहर है। छात्रा के परिजन भी अस्पताल पहुंच चुके हैं। इससे पहले अस्पताल प्रशासन ने शाम तक दर्ज हुए दर्जनों मेडिको लीगल केस (एमएलसी) की पुष्टि की थी।

लेडी हार्डिंग में युवक की आंख और गले का हुआ सफल ऑपरेशन

उधर, झड़प के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए शेख इरशाद को लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी आंख और गले की जरूरी सर्जरी संपन्न की है। इस अस्पताल में भी 50 से अधिक घायलों को इलाज के लिए लाया गया था। फिलहाल कई घायलों की स्थिति में सुधार होने के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है, जबकि गंभीर रूप से चोटिल मरीजों का डॉक्टरों की निगरानी में उपचार जारी है।