मुंबई-दिल्ली फ्लाइट में गुम हुआ सामान, 16 साल बाद एयरलाइन पर जुर्माना
नई दिल्ली। दिल्ली राज्य उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक पुराने केस में फैसला सुनाया है। मुंबई के निवासी शीतल कुमार अग्रवाल को इंडियन एयरलाइंस की लापरवाही के चलते 1 लाख रुपये का मुआवजा मिला है। 2010 में वह अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए मुंबई से दिल्ली जा रहे थे। उन्होंने इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट आईसी-806 में टिकट बुक किया था। दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने पर उनके पाउच से सामान गायब मिला। इसमें 20,000 रुपये नकद, 5 ग्राम का सोने का सिक्का और 100 अमेरिकी डॉलर का नोट थे। ये सोने के सिक्के शादी में दुल्हन-दूल्हे को गिफ्ट करने थे। ऐसे में तुरंत शिकायत की गई। एयरपोर्ट के दो लोडर पकड़े गए और चोरी का मामला दर्ज हुआ। सामान आखिरकार 24 दिसंबर 2010 को वापस मिला, लेकिन तब तक शीतल को कई बार मुंबई-दिल्ली आना-जाना पड़ा। बिजनेस के काम छूट गए, शादी में शामिल नहीं हो पाए और बहुत मानसिक तनाव झेलना पड़ा। पहले जिला आयोग ने इंडियन एयरलाइंस को सिर्फ 40,000 रुपये खर्च और 15,000 रुपये मानसिक पीड़ा के लिए देने का आदेश दिया था। लेकिन, शीतल ने अपील की कि यह रकम बहुत कम है। अब आयोग की अध्यक्ष न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल और सदस्य बिमला कुमारी ने अपील मंजूर कर दी। उन्होंने कहा कि यात्री को सिर्फ हवाई किराया भी नहीं मिल पाया था। कई यात्राएं, बिजनेस नुकसान और शादी में गिफ्ट न दे पाने का दर्द भी हुआ। इसलिए मुआवजा बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिया गया। बाकी पुराने आदेश वैसे ही रहेंगे। आयोग ने साफ कहा कि एयरलाइंस अपने एजेंट (सामान हैंडल करने वाली कंपनी) की गलती के लिए जिम्मेदार है। एयरपोर्ट अथॉरिटी पर कोई दोष नहीं पाया गया।

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